Success Story: IAS बनने के लिए पहले छोड़ा घर, फिर लाखों की नौकरी; UPSC एग्जाम में ऐसे हासिल की 3rd रैंक

 Success Story: IAS बनने के लिए पहले छोड़ा घर, फिर लाखों की नौकरी; UPSC एग्जाम में ऐसे हासिल की 3rd रैंक



       हिंदी मीडियम से हुई शुरुआती पढ़ाई


प्रतिभा वर्मा (Pratibha Verma) की शुरुआती पढ़ाई सुल्तानपुर से हुई. यूपी बोर्ड से 10वीं करने के बाद उन्होंने सीबीएसई बोर्ड से 12वीं की परीक्षा पास की. 12वीं के बाद उन्होंने अपना घर छोड़ दिया और दिल्ली आ गईं. इसके बाद प्रतिभा ने आईआईटी दिल्ली से बीटेक किया


     बीटेक के बाद बड़ी कंपनी में लगी जॉब


हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2014 में आईआईटी दिल्ली से बीटेक करने के बाद प्रतिभा वर्मा (Pratibha Verma) की नौकरी एक बड़ी फोन कंपनी में लग गई और उनकी सैलरी भी काफी अच्छी थी. दो साल जॉब करने के बाद प्रतिभा को लगा कि यह उनकी मंजिल नहीं है और उन्होंने नौकरी छोड़कर पूरी तरह से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने का फैसला किया.


           दिल्ली में रहकर की तैयारी


2016 में नौकरी छोड़ने के बाद प्रतिभा वर्मा (Pratibha Verma) ने घर से दूर रहकर यूपीएससी एग्जाम की तैयारी करने का फैसला किया और इसके लिए वह दिल्ली आ गईं. प्रतिभा बताती हैं कि तैयारी के दौरान उन्होंने सबसे पहले पूरा सिलेबस समझा. उन्होंने अपने स्ट्रेंथ वाले विषय फिजिक्स को और मजबूत करके मैंने तैयारी शुरू कर दी. 


         दूसरे प्रयास में बनीं IRS अफसर


प्रतिभा वर्मा (Pratibha Verma) को पहले प्रयास में असफलता मिली औ वो प्री भी नहीं क्लियर कर पाईं. इसके बाद दूसरे प्रयास में उनका सेलेक्शन हुआ और 489 रैंक आई. हालांकि इसके बाद उनका चयन आईआरएस के लिए हुआ, लेकिन उनका सपना आईएएस बनने का था. चयन के बाद वो आईआरएस अफसर के पद पर ट्रेनिंग के लिए चली गईं, लेकिन साथ में तैयारी भी जारी रखा.


              तीसरी बार में बनीं आईएएस


प्रतिभा वर्मा (Pratibha Verma) ने ठान लिया था कि किसी भी तरह आईएएस बनना है और इसलिए उन्होंने तैयारी जारी रखी. काम के साथ वह तैयारी भी करती रहीं और साल 2019 में वह यूपीएससी एग्जाम में तीसरी रैंक हासिल कर आईएएस अफसर बनीं. 


प्रतिभा वर्मा (Pratibha Verma) ने बताया, 'साल 2018 में मुझे डेंगू हुआ था. इससे ठीक होने के बाद 2019 में टायफाइड और 2020 में डायरिया हो गया. इस वजह से मैं काफी परेशान रही और काफी कमजोर हो गई थी. लगातार बीमारी के कारण पढ़ाई पर फोकस नहीं हो पा रहा था, लेकिन मेरे माता-पिता ने मेरा सपॉर्ट किया और मेरी सफलता के लिए मेरी मदद की.' उन्होंने बताया 2020 में कोरोना वायरस की वजह से मेरा इंटरव्यू स्थगित हो गया और मुझे खुद को तैयार करने का मौका मिल गया. दो महीने तक मैंने पावर योगा और मेडिटेशन किया. इसके साथ ही अपने खान-खान का खास ख्याल रखा और फिर जुलाई के अंत में मैं यूपीएससी इंटरव्यू में शामिल हुई.'


                माता-पिता हैं टीचर


प्रतिभा वर्मा (Pratibha Verma) की मां ऊषा वर्मा प्राइमरी स्कूल में टीचर हैं, जबकि उनके पापा सुदंश वर्मा हायर सेकेंड्री स्कूल में पढ़ाते हैं. प्रतिभा के बड़े भाई एक प्राइवेट जॉब करते हैं और छोटे भाई ने बीटेक किया है. वहीं उनकी बहन डॉक्टर हैं.


🚔🚔🚔❤️👉 Written by Deepak kushwaha